Exercise Trishul 2025 भारत और फ्रांस की नौसेना और वायुसेना के बीच आयोजित एक बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास है, जो दोनों देशों के बीच सुरक्षा और सामरिक सहयोग को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच है। यह अभ्यास हर साल आयोजित किया जाता है और इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल, समुद्री और हवाई सुरक्षा कौशल को बढ़ाना, तथा साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए रणनीतिक तैयारियों को परखना होता है।
Exercise Trishul का इतिहास और महत्व
Exercise Trishul की शुरुआत 2013 में हुई थी, जब भारत और फ्रांस ने अपनी सैन्य साझेदारी को गहरा करने के लिए इस अभ्यास की योजना बनाई। दोनों देशों के बीच यह एक प्रमुख वार्षिक कार्यक्रम बन गया है, जो समुद्री सुरक्षा, हवाई युद्ध तकनीकों और सामरिक संचालन में विशेषज्ञता साझा करने का अवसर प्रदान करता है।
फ्रांस और भारत दोनों ही समुद्री क्षेत्र में अपने-अपने महत्व के देश हैं। भारत हिंद महासागर में अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रयासरत है, जबकि फ्रांस के पास भी इंडियन ओशन में रणनीतिक हित हैं। इसलिए, Exercise Trishul दोनों देशों के लिए क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक प्रभावी उपकरण है।
Exercise Trishul 2025 के मुख्य उद्देश्य
इस बार का Exercise Trishul 2025 विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियानों और मानवता सहायता एवं आपदा राहत कार्यों पर केंद्रित था। अभ्यास के दौरान दोनों देशों की नौसेना और वायुसेना ने विभिन्न युद्धाभ्यास, समन्वित आपरेशन, और आपदा प्रबंधन के अभ्यास किए।
इस अभ्यास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मल्टीनेशनल सहयोग को बढ़ावा देना भी था, जिससे क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा मजबूत हो सके। इसके अलावा, दो देशों की सेनाओं ने हवाई और समुद्री खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान, रडार और नेविगेशन तकनीकों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया।
अभ्यास का स्थान और समय
Exercise Trishul 2025 इस बार विशाखापत्तनम के निकट समुद्री क्षेत्र में आयोजित किया गया। विशाखापत्तनम, भारत के पूर्वी तट पर स्थित एक प्रमुख नौसैनिक अड्डा है, जो भारतीय नौसेना के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह स्थान दोनों देशों को समुद्री और हवाई संचालन की चुनौतियों का सामना करने के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करता है।
अभ्यास सितंबर 2025 में हुआ, जिसमें कई दिनों तक विभिन्न सैन्य अभ्यास किए गए, जिसमें युद्धपोतों की नौकायन, समुद्री तलाशी और बचाव अभियान, साथ ही वायुसेना के मुकाबला और रक्षा अभ्यास शामिल थे।
Exercise Trishul के फायदे और प्रभाव
Exercise Trishul भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को नए स्तर पर ले गया है। यह अभ्यास दोनों देशों के सैनिकों को तकनीकी ज्ञान, युद्ध कौशल और सामरिक रणनीतियों में अद्यतन बनाने का अवसर देता है। इसके अलावा, यह अभ्यास दोनों देशों के बीच विश्वास और मित्रता को भी मजबूत करता है।
इससे भारतीय नौसेना और वायुसेना को फ्रांसीसी तकनीक और युद्ध प्रणालियों की जानकारी मिलती है, जो भारत के रक्षा सुधारों में मददगार साबित होती है। वहीं, फ्रांस भी भारतीय क्षेत्रीय सुरक्षा क्षमताओं को समझने और अपनी रणनीतियों को सुधारने में सक्षम होता है।
Exercise Trishul 2025 भारत और फ्रांस के बीच सामरिक साझेदारी का प्रतीक है, जो समुद्री और हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता में योगदान देता है। ऐसे अभ्यास न केवल सैन्य दक्षता बढ़ाते हैं, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों को भी मजबूती प्रदान करते हैं। आने वाले वर्षों में इस तरह के अभ्यास और भी व्यापक और प्रभावी होते जाएंगे, जो दोनों देशों के रणनीतिक हितों को सुदृढ़ करेंगे।

