Himachal Pradesh: जहाँ पहाड़ बोलते हैं और नदियाँ गुनगुनाती हैं हिमाचल की कहानी

Himachal Pradesh: जहाँ पहाड़ बोलते हैं और नदियाँ गुनगुनाती हैं हिमाचल की कहानी

Himachal Pradesh को भारत का स्वर्ग कहा जाए तो गलत नहीं होगा। यहाँ की वादियाँ इतनी शांत और सुंदर हैं कि मन मोह लेती हैं। ऊँचे-ऊँचे पहाड़ बर्फ से ढके रहते हैं और इन पर सूरज की किरणें पड़ते ही चमक उठते हैं। शिमला को ‘पहाड़ों की रानी’ कहा जाता है और इसकी खूबसूरती सर्दियों में बर्फबारी के कारण और भी बढ़ जाती है।

घाटियों का जादू

मनाली, कुल्लू, कांगड़ा और स्पीति जैसी घाटियाँ हिमाचल की असली पहचान हैं। यहाँ बहती नदियाँ और हरियाली से घिरी वादियाँ किसी फिल्म के सीन जैसी लगती हैं। मनाली की ब्यास नदी हो या लाहौल-स्पीति की बर्फीली चोटियाँ हर जगह एक अलग सुकून महसूस होता है। ट्रैकिंग, कैंपिंग और रिवर राफ्टिंग जैसे साहसिक खेलों के लिए भी ये घाटियाँ मशहूर हैं।

Himachal Pradesh: जहाँ पहाड़ बोलते हैं और नदियाँ गुनगुनाती हैं  हिमाचल की कहानी

धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल

हिमाचल न सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है बल्कि यहाँ कई धार्मिक स्थल भी हैं। ज्वालामुखी देवी, चिंतपूर्णी माता, और बैजनाथ मंदिर जैसे स्थानों पर हजारों श्रद्धालु हर साल दर्शन करने आते हैं। धर्मशाला स्थित दलाई लामा का निवास और मैक्लॉडगंज का बौद्ध मठ भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हैं।

संस्कृति और लोक परंपराएं

हिमाचल की संस्कृति भी उतनी ही रंगीन है जितनी उसकी वादियाँ। यहाँ के लोग पारंपरिक पोशाकों और लोकनृत्यों से अपनी सभ्यता को संजोए हुए हैं। कुल्लू दशहरा, मिंजर मेला और शिमला समर फेस्टिवल जैसे त्योहारों में हिमाचली संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। यहाँ का लोक संगीत और नृत्य जैसे ‘नाटी’ पर्यटकों को खूब लुभाते हैं।

प्राकृतिक धरोहर और वन्य जीवन

हिमाचल के जंगलों में चीड़, देवदार और बुरांश जैसे वृक्ष पाए जाते हैं जो वातावरण को शुद्ध और सुंदर बनाते हैं। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क जैसे संरक्षित क्षेत्र में तेंदुआ, हिम तेंदुआ, भालू और कई पक्षी प्रजातियाँ मिलती हैं। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह राज्य किसी खजाने से कम नहीं है।

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