Top 5 Dormant Volcanoes: दुनिया में कई ज्वालामुखी ऐसे हैं जो लंबे समय से शांत हैं लेकिन अभी भी उनमें लावा मौजूद है। ऐसे ज्वालामुखियों को सुप्त ज्वालामुखी (Dormant Volcanoes) कहा जाता है। ये ज्वालामुखी वर्षों या सदियों तक शांत रह सकते हैं पर किसी भी समय सक्रिय हो सकते हैं। इसलिए वैज्ञानिक ऐसे ज्वालामुखियों पर लगातार नज़र रखते हैं। यहां दुनिया के शीर्ष 5 सुप्त ज्वालामुखियों की सूची और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य दिए गए हैं।
1. माउंट फूजी – जापान
माउंट फूजी दुनिया के सबसे प्रसिद्ध सुप्त ज्वालामुखियों में से एक है। यह जापान का सबसे ऊँचा पर्वत भी है जिसकी ऊँचाई लगभग 3776 मीटर है। इसका अंतिम विस्फोट 1707 में हुआ था जिसे होएई इरप्शन के नाम से जाना जाता है। इसके बाद से यह शांत है लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि इसमें फिर से सक्रिय होने की क्षमता है। टोक्यो जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र के पास होने के कारण वैज्ञानिक इसे लगातार मॉनिटर करते हैं।
2. माउंट वेसुवियस – इटली
माउंट वेसुवियस इटली का एक जाना–माना सुप्त ज्वालामुखी है जो इतिहास में कई विनाशकारी विस्फोटों के लिए प्रसिद्ध है। 79 ईस्वी में इसके विस्फोट ने पोम्पेई और हरकुलेनियम शहरों को नष्ट कर दिया था। इसका अंतिम बड़ा विस्फोट 1944 में हुआ था। तब से यह शांत है पर इसे यूरोप का सबसे खतरनाक सुप्त ज्वालामुखी माना जाता है। इसकी आबादी घने क्षेत्रों के करीब है इसलिए यह वैज्ञानिकों के अध्ययन का मुख्य केंद्र है।
3. माउंट हुड – अमेरिका
अमेरिका के ओरेगन राज्य में स्थित माउंट हुड एक सुप्त ज्वालामुखी है जो कैस्केड पर्वत श्रृंखला का हिस्सा है। इसकी ऊँचाई 3429 मीटर है। इसका अंतिम छोटा विस्फोट 1800 के आसपास हुआ था। आज यह पूरी तरह शांत दिखता है लेकिन शोधकर्ताओं के अनुसार भविष्य में इसमें गतिविधि होने की संभावना बनी हुई है। यह अमेरिका के सबसे खतरनाक सुप्त ज्वालामुखियों में गिना जाता है।
4. माउंट किलिमंजारो – तंज़ानिया
अफ्रीका की सबसे ऊँची चोटी माउंट किलिमंजारो भी एक सुप्त ज्वालामुखी है। इसकी ऊँचाई 5895 मीटर है और यह तीन ज्वालामुखी शिखरों से मिलकर बना है जिनमें कीबो शिखर अभी भी भूगर्भीय रूप से सक्रिय माना जाता है। माउंट किलिमंजारो का अंतिम सक्रिय काल लगभग 360,000 वर्ष पहले माना जाता है लेकिन इसकी संरचना यह संकेत देती है कि यह पूरी तरह मृत नहीं है।
5. माउंट मेरु – तंज़ानिया
तंज़ानिया में ही स्थित माउंट मेरु एक और सुप्त ज्वालामुखी है जिसकी ऊँचाई लगभग 4565 मीटर है। इसका अंतिम प्रमुख विस्फोट 1910 में दर्ज किया गया था। आज यह शांत है लेकिन इसकी संरचना और भूगर्भीय गतिविधियों से पता चलता है कि भविष्य में इसके सक्रिय होने की संभावना मौजूद है। यह क्षेत्र में बसे लाखों लोगों के लिए संभावित खतरा बन सकता है।
सुप्त ज्वालामुखी बाहर से शांत दिखते हैं लेकिन भीतर से उनमें ऊर्जा छिपी होती है। वैज्ञानिक इन्हें लगातार मॉनिटर करते हैं क्योंकि किसी भी समय इनमें विस्फोट की संभावना हो सकती है। दुनिया के ये शीर्ष 5 सुप्त ज्वालामुखी यह याद दिलाते हैं कि प्रकृति में छिपी ताकतें कितनी शक्तिशाली और अनिश्चित हो सकती हैं।

