Uttarakhand Foundation Day 2024: देवभूमि के बारे में 11 महत्वपूर्ण तथ्य

Uttarakhand Foundation Day 2024: देवभूमि के बारे में 11 महत्वपूर्ण तथ्य

Uttarakhand Foundation Day 2024: उत्तराखंड स्थापना दिवस 9 नवंबर को मनाया जाता है। यह वही दिन है जब 2000 में उत्तराखंड को भारत का 27वां राज्य बनाकर स्वतंत्र राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था। यहां इस दिन और इसके महत्व से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें दी जा रही हैं:

1. तारीख और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
स्थापना दिवस: 9 नवंबर 2024, यह उत्तराखंड राज्य की 24वीं वर्षगांठ है।
पृष्ठभूमि: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पहाड़ी क्षेत्रों की उपेक्षा के कारण अलग राज्य की मांग पैदा हुई थी, जिसके बाद उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ। यह राज्य उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के तहत अस्तित्व में आया।

Uttarakhand Foundation Day 2024: देवभूमि के बारे में 11 महत्वपूर्ण तथ्य

2. महत्व
संस्कृतिक धरोहर: उत्तराखंड को “देवभूमि” या “ईश्वर की भूमि” के नाम से जाना जाता है। यहां अनेक प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थल हैं और राज्य की सांस्कृतिक धरोहर भी महत्वपूर्ण है। इस दिन को राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और लोगों की संघर्षशीलता को सम्मानित करने के रूप में मनाया जाता है।
उत्सव: इस दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों, परेड, पारंपरिक संगीत, नृत्य और स्थानीय रीति-रिवाजों की प्रदर्शनी आयोजित की जाती है।

3. प्रमुख विषय
एकता और संघर्ष: यह दिन राज्य के लिए एकता और लोगों के अधिकारों के संघर्ष का प्रतीक है।
विकास को बढ़ावा: उत्सवों का उद्देश्य उत्तराखंड के सतत विकास, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।

4. प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर उत्तराखंड के विकास के लिए अगले दशक को महत्वपूर्ण बताया और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और पारिस्थितिकी संरक्षण के वादे किए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजोएं और स्थानीय अर्थव्यवस्था में पर्यटन के माध्यम से योगदान करें।

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उत्तराखंड के बारे में 11 प्रमुख तथ्य:

  1. इतिहास
    उत्तराखंड 9 नवंबर 2000 को भारत का 27वां और 19वां राज्य बना, जो लगभग दो दशकों तक अलग राज्य की मांग के बाद संभव हुआ था।
  2. नाम परिवर्तन
    राज्य का नाम पहले उत्तरांचल था, लेकिन 2007 में इसे उत्तराखंड नाम दिया गया ताकि इसके सांस्कृतिक धरोहर और पहचान को प्रस्तुत किया जा सके।
  3. संस्कृतिक महत्व
    उत्तराखंड सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां विभिन्न संस्कृतियों के लोग रहते हैं, मुख्य रूप से गढ़वाली और कुमाऊंनी समुदाय।
  4. धार्मिक स्थल
    उत्तराखंड में कई महत्वपूर्ण हिंदू तीर्थ स्थल हैं, जिनमें चार धाम (बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) शामिल हैं, जो इसे आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बनाते हैं।
  5. प्राकृतिक दृश्य
    यहां के पहाड़ी दृश्य, घने जंगल और जंगली प्रजातियाँ देखने लायक हैं। दो स्थल, वैली ऑफ फ्लावर्स और नंदा देवी नेशनल पार्क, यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं।
  6. जनसंख्या आँकड़े
    2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तराखंड की जनसंख्या लगभग 1 करोड़ है। इसमें से अधिकांश लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं। लिंगानुपात 1000 पुरुषों पर 963 महिलाएं हैं।
  7. आर्थिक विकास
    राज्य ने पर्यटन और कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। यहां सड़क और रेलवे ढांचे में सुधार हुआ है, जो इसे प्राकृतिक सौंदर्य वाले स्थानों से जोड़ता है। 2024 में राज्य में लगभग 10 करोड़ पर्यटकों के आने की उम्मीद है।
  8. जलवायु
    उत्तराखंड का जलवायु क्षेत्र विविध है, जिसमें निचले इलाकों में उपोष्णकटिबंधीय और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में आल्पाइन जलवायु है। इस जलवायु विविधता ने जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के क्षेत्र में संपत्ति को बढ़ावा दिया है।
  9. शैक्षिक संस्थान
    राज्य में कई प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा और अनुसंधान संस्थान स्थित हैं।
  10. त्योहार
    उत्तराखंड स्थापना दिवस विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, जुलूसों और राज्य के सतत विकास और संरक्षण से संबंधित मुद्दों पर बहसों के माध्यम से मनाया जाता है।
  11. भविष्य की दृष्टि
    पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं, लेकिन स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। राज्य की पूर्णकालिक राजधानी की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन यह अभी तक लागू नहीं हो पाई है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों से निरंतर पलायन हो रहा है।
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उत्तराखंड स्थापना दिवस राज्य के गठन का उत्सव है, लेकिन यह राज्य के विकास और उसकी पहचान को बनाए रखने के लिए नए प्रयासों को भी प्रेरित करता है।