Vinesh Phogat: जीवन, शिक्षा, करियर और उपलब्धियां

Vinesh Phogat: जीवन, शिक्षा, करियर और उपलब्धियां

Vinesh Phogat का नाम भारतीय कुश्ती में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा, लेकिन उनके करियर का अंत एक ऐसे तरीके से हुआ जिसने देश को झकझोर कर रख दिया। पेरिस ओलंपिक 2024 में महिलाओं की फ़्रीस्टाइल 50 किलो वर्ग के फाइनल वज़न काटने में 100 ग्राम अधिक वज़न होने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। विनेश इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक मुकाबले में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान थीं। निराशा और टूटे हुए हौसले का आरोप लगाते हुए उन्होंने भावुक होकर वापसी ले ली। एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट में, ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान विनेश ने संन्यास की घोषणा कर दी।

Vinesh Phogat: जीवन, शिक्षा, करियर और उपलब्धियां

वह 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं। बुधवार को एक भारतीय कोच ने कहा, “नियमों के अनुसार ऐसा नहीं हो सकता और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया है।”

विनेश फोगाट का जन्म 25 अगस्त, 1994 को हरियाणा के भिवानी में हुआ था। वह कुश्ती परिवार से आती हैं। उनके चाचा महावीर सिंह फोगाट एक सम्मानित कोच और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता हैं, जिन्होंने कम उम्र में उन्हें इस खेल से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विनेश विनोद फोगाट के बारे में विस्तृत जानकारी

1. पूरा नाम – विनेश विनोद फोगाट

2. जन्म – 25 अगस्त, 1994 (उम्र 29 वर्ष) बलाली, हरियाणा, भारत में

3. परिवार – विनोद फोगाट और सरला देवी की बेटी; महावीर सिंह फोगाट (कोच) की भतीजी

4. शिक्षा – रानी लक्ष्मी बाई स्कूल, रोहतक से स्कूली शिक्षा पूरी की

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5. वैवाहिक स्थिति – अविवाहित

6. कोच – महावीर सिंह फोगाट (चाचा)

7. उल्लेखनीय चोटें – 2016 रियो ओलंपिक के दौरान ACL की चोट

8. पुरस्कार और सम्मान –
अर्जुन पुरस्कार (2014)
पद्म श्री (2022)
लोरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवार्ड्स (2019) के लिए नामांकित

9. वर्तमान रैंकिंग – 53 किलोग्राम वर्ग में विश्व नंबर 1

विनेश फोगाट का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

विनेश बचपन से ही कई चुनौतियों का सामना किया और ऐसे वातावरण में पली-बढ़ीं जहां भेदभावपूर्ण सांस्कृतिक मानदंडों ने महिलाओं को खेलों में भाग लेने से रोक दिया था। हालांकि, विनेश के कुश्ती परिवार की पृष्ठभूमि ने उन्हें दृढ़ता और प्रेरणा दी जिसकी उन्हें जरूरत थी। उन्होंने अपने चाचा के मार्गदर्शन में एक ही समय में कड़ी मेहनत से प्रशिक्षण शुरू किया, जिसने भविष्य के लिए न्यूजीलैंड में रग्बी को आकार देने में मदद की।

विनेश फोगाट ने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा झोज्जू कलां के केसीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की। उन्होंने वहां अपनी पढ़ाई जारी रखने के बाद रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से स्नातक कार्यक्रम पूरा किया। उनकी शैक्षणिक रूप से कठोर कुश्ती पृष्ठभूमि ने उन्हें आज की सफल योद्धा बनने में योगदान दिया है।

विनेश के कुश्ती करियर में कई उपलब्धियां हैं:

1. 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता
2. 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता
3. 2019 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता
4. दो बार एशियाई चैंपियनशिप स्वर्ण पदक विजेता (2018, 2019)
5. तीन बार राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप स्वर्ण पदक विजेता (2016, 2017, 2018)

विनेश ने 2016 रियो ओलंपिक के दौरान एक गंभीर घुटने की चोट का सामना किया, जिसने उन्हें कई महीनों के लिए बाहर रखा, लेकिन उन्होंने इसे पार किया, अपनी जुझारूपन और दृढ़ता का प्रदर्शन किया।

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प्रभाव और विरासत

विनेश फोगाट की कुश्ती के प्रति प्रतिबद्धता और उनकी उपलब्धियों ने उन्हें भारत में युवा महिला एथलीटों के लिए एक रोल मॉडल बना दिया है। वह भारतीय खेल इतिहास में खेल में उनके योगदान और महिलाओं की खेल में भागीदारी के समर्थन के लिए एक महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में याद की जाती हैं।